Institute Name: |
HOME SCHOOL & VHVS BHARAT |
Category: |
Education & Coaching |
Year of Est.: |
2006 |
Nature Of Business: |
Educational Services |
होम स्कूल के बारे में संपूर्ण जानकारी।
HOME SCHOOL
होशियार बच्चों की पाठशाला।
बहुत सारे लोग होम स्कूल क्या हैं, यह अब तक नहीं जानते, जब कि होम स्कूल वर्ष 2006 से शुरू हैं।
होम स्कूल क्या हैं, यह हम जान लेते हैं।
होम स्कूल एक शाश्वत शिक्षण पद्धति हैं। जिसे कोई भी स्कूल फ्रेंचाइजी के रूप में आत्मसात कर सकती हैं। बहुत सारे स्कूल आचार्य दीप के होम स्कूल की फ्रेंचाइजी लेते हैं और अपने स्कूल में होम स्कूल का पैटर्न जो कि बच्चों को होशियार बनने की गारंटी ले सकता हैं, वह शुरू करते हैं। होम स्कूल उन्ही स्कूलों को फ्रेंचाइजी देता है जिनके पास महाराष्ट्र शासन या केंद्र शासन की मान्यता है और जिनके पास खुद का UDISE नंबर है।
होम स्कूल एक शिक्षण पद्धति का नाम हैं।
पूरे भारत में जैसे सभी स्कूल हैं वैसे ही होम स्कूल भी एक स्कूल है।
होम स्कूल के छात्र सरकारी नियमों के अनुसार दसवीं की परीक्षा देते हैं। याने सरकारी योजना के तहत ही होम स्कूल में छात्र और छात्राओं को प्रवेश दिया जाता हैं।
होम स्कूल के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, आय ए एस , ऑफिसर आय पी एस ऑफिसर बन सकते हैं । क्योंकि होम स्कूल कुछ अलग बोर्ड नहीं हैं।
होम स्कूल के छात्र सभी छात्रों की तरह पुणे बोर्ड द्वारा एस एस सी की परीक्षा देते हैं। यानी दसवीं की परीक्षा देते हैं। उन्हें भी सेंटर मिलता हैं और उनका रिजल्ट और सभी स्कूल का रिजल्ट एक ही दिन लगता हैं। और सभी स्कूल के बच्चे जो पेपर देते हैं वही पेपर उसी दिन उसी समय होम स्कूल के छात्र भी देते हैं।
बहुत अभिभावकों की यह गलतफहमी हैं कि होम स्कूल के बच्चे दसवीं की परीक्षा घर से देते हैं। अब जिसकी जितनी सोचने क्षमता हैं वह उतना सोच सकता हैं।
अब देखते हैं होम स्कूल में और दूसरे स्कूलों में क्या अंतर हैं ।
👉होम स्कूल में स्टेट बोर्ड और सी बी एस ई बोर्ड दोनों बोर्ड की पढ़ाई बच्चों को सिखाई जाती हैं।
👉होम स्कूल में हर विषय अंग्रेजी, हिंदी और मराठी तीनों भाषा में सिखाया जाता हैं।
👉बच्चों का बेस पहले पक्का किया जाता हैं, उसके बाद सिल्याबस यानी पाठ्यक्रम सीखना शुरू किया जाता हैं।
👉होम स्कूल में छात्र जब तक होशियार नहीं बनते तब तक उन्हें सिखाया जाता हैं।
👉होम स्कूल के सभी छात्र दोनों हाथों से लिख सकते हैं।
👉होम स्कूल में हर छात्र को व्यक्तिगत. ( इंडिविजुअल ) रूप से सिखाया जाता हैं।
👉होम स्कूल में पढ़ने वाले छात्र अपनी कक्षा से दो कक्षा आगे का सीख पाते हैं, यानी चौथी में पढ़ने वाला छात्र कक्षा पांचवी या छठवीं की पढ़ाई कर सकता हैं।
👉होम स्कूल में कक्षाएं बौद्धिक क्षमता के अनुसार बनती हैं, इस वजह से छात्र काफी होशियार बनते हैं और उन्हें होशियार बनने के लिए अन्य स्कूलों के छात्रों के मुकाबले समय भी कम लगता हैं।
👉होम स्कूल में अंग्रेजी के साथ भारतीय संस्कार भी सिखाए जाते हैं।
👉होम स्कूल में छात्रों की बुरी आदतें छुड़वाई जाती हैं और छोटे बच्चों को बुरी आदत लगे ही नहीं इस बात का खास ध्यान रखा जाता हैं।
👉जैसे कि अप शब्द बोलना, गाली-गलोज करना , बड़ों का आदर न करना, मारपीट करना, बहुत देर तक मोबाइल देखना, जंक फूड खाना, पढ़ाई न करना, चिल्ला चिल्ला कर बातें करना, बत्तमीजी से पेश आना, कहा हुआ कोई भी काम न करना, कामों को टालना, पढ़ाई न करना, होमवर्क न करना, ऐसी बहुत सारी बुरी आदतों से बच्चों को बचाया जाता हैं।
👉होम स्कूल में बच्चों को भारत का सच्चा इतिहास सिखाया जाता हैं, इस के साथ-साथ रामायण, महाभारत, गीता, शिव पुराण, विष्णु पुराण, देवी पुराण और 1000 श्लोक और मंत्र भी सिखाए जाते हैं।
👉होम स्कूल में छात्रों को एम पीए स सी, यू पी एस सी ,NEET और JEE ऐसी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाता हैं। ताकि आगे चलकर उन्हें इन परीक्षाओं का बेसिक सिखने के लिए भविष्य का अमूल्य समय बरबाद न करना पड़े।
👉लड़कियों को भविष्य में प्रेम जाल में कैसे फसाया जाएगा उनका दुरुपयोग कैसा हो सकता है। उन के साथ उन के दोस्त या प्रेमी किस हद तक बुरा बर्ताव कर सकते हैं पुरुष मित्रों के साथ किस हद तक संबंध रखने चाहिए। अकेले में उनके साथ जाने से क्या हो सकता हैं, हमारे गलत वीडियो बनाई जा सकते हैं उसका भविष्य में क्या असर होगा, और हमें जिंदगी भर वे लोग कैसे ब्लैकमेल किया जा सकता है। ये सारी बातें बेटियों को बताई जाती है। और उन का जीवन कैसे बर्बाद हो सकता हैं इस विषय पर बहुत बार समझाया जाता हैं । लड़कियों को आत्मरक्षा, संरक्षण , और हमारा कोई गलत इस्तेमाल न कर पाए, ऐसी सभी बातों का प्रशिक्षण बेटियों को दिया जाता हैं।
सच्चे और झूठे इंसान की परख कैसे करना, मीठी-मीठी बातें बोलकर तारीफ कर के हमें कोई कैसे फंसा सकता हैं, यह बहुत बार समझाया जाता हैं।
जो बातें अभिभावक लड़कियों को नहीं समझ पाती और इस अज्ञानता की वजह से, ना समझी की वजह से, लड़कियां गलत कदम उठा लेती हैं और अपने जीवन को नर्क बना लेती हैं। वे सारी बातें हम उन्हें बड़ी स्पष्टता से और भावनाओं के साथ समझते हैं।
👉मां-बाप बच्चों के दुश्मन नहीं हैं वे उनका भला चाहते हैं यह एहसास हर छात्र को होम स्कूल के शिक्षक हर पल करवाते हैं। यह केवल होम स्कूल के संस्कार की वजह से ही संभव हैं।
👉ज़िद्दी से जिद्दी छात्रा भी हमे स्कूल में अनुशासन का पालन करते हैं।
👉होम स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को बाहर ट्यूशन लगाने की जरूरत नहीं हैं। अगर वह छात्र कक्षा पहली से होम स्कूल में हैं तो। जो छात्र होमे स्कूल में चौथी या पांचवी कक्षा के बाद प्रवेश लेते हैं उन के लिए होम स्कूल में ही अतिरिक्त वर्ग का प्रावधान है, यह सुविधा वैकल्पिक हैं।
👉होम स्कूल के शिक्षक छात्र के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को खोजने का सदैव प्रयत्न करते हैं वे हर पल हर छात्र को निहारते और परखते रहते हैं। ताकि उनकी छुपी हुई प्रतिभा हम आसानी से खोज सके।
👉मॉं-बाप जिस उद्देश्य से बच्चों को होम स्कूल में भेजते हैं, उनका वह उद्देश्य शत प्रतिशत पूरा हो सकता हैं।
होम स्कूल में इंटरनॅशनल लेवल का विज्ञान, गणित और अंग्रेजी सिखाई जाती है। ताकि होम स्कूल के छात्र दुनिया में कहीं पर भी जाने के बाद उन्हें अपने में कुछ कमी है ऐसा महसूस ना करें और वे बड़े ही आत्मविश्वास से हर परिस्थिति का सामना कर पाए।
ऐसी बहुत सी बातें होम स्कूल के बारे में बताने जैसी हैं।
अपेक्षा है कि अब आपको होम स्कूल की काफी जानकारी मिल चुकी होगी और आप इस जानकारी को दूसरे लोगों को भी बताओगे ताकि उनका भी भला हो और उनके बच्चों का भी भविष्य संवर जाए।
जिन अभिभावकों को अपने बच्चों को विद्वान बुद्धिमान और दुनियाॅं से अलग बनाना है। ऐसे अभिभावकों के होशियार बच्चों के लिए होम स्कूल की स्थापना की गई हैं
HOME SCHOOL.
Nursery to 10th CBSE and STATE BOARD PATTERN.
छात्रों को होशियार बनाने की गारंटी लेने वाला स्कूल।
पत्ता : होम स्कूल।
वसंत देसाई स्टेडियम के पीछे, अकोला जिला न्यायालय मार्ग, अकोला।
8668784336
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V.H.V.S. BHARAT.
हर देशभक्त व्यक्तिने विश्व हिंदू व्यापार संघ से क्यों जुड़ना चाहिए ?
और
विश्व हिंदू व्यापार संघ के साथ जुड़ने से आपका क्या लाभ होगा ?
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अब आपको पता चल ही गया होगा कि विश्व हिंदू व्यापार संघ से क्यों जुड़ना हैं। अगर आप एक सच्चे देशभक्त हो और अपने देश पर धर्म पर आने वाले संकटों को जड़ से खत्म करना चाहते हो, तो आपको इस देशभक्तो के संगठन से जुड़ना ही होगा। आपसे विनती हैं आप तुरंत विश्व हिंदू व्यापार संघ से जुड़ जाइये. वक्त बहुत कम है, फिर हजारों सलो तक ये मौका नहीं मिलेगा आज तक हमने पृथ्वीराज चौहान, महारानाप्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, संभाजी महाराज, रानी लक्ष्मीबाई, चंद्रशेखर आझाद, भगतसिंग, सावरकर, सुभाषचन्द्र बोस, ऐसे लाखों महान देशभक्तों को खोया हैं. उस वक्त सभी देशवासियोने इन का साथ नहीं दिया. इन लोगोने देश के लिए अपनी जन दी. हमें इतिहास से कुछ सिखाना चाहिए. हमें और आपको केवल विश्व हिंदू व्यापार संघ भारत से जुड़ना हैं, जुड़े रहना हैं और अपनोको जोड़ना हैं. हमारा संघटन ही हमारा ब्रम्हास्त्र हैं. हम सब देश और धर्म के लिए इतना तो कर ही सकते हैं.
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